15 जनवरी, 2021|12:59|IST

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मकर संक्रांति 2021: खरमास होगा खत्म फिर भी इस संवत्सर नहीं होंगे Shubh Vivah muhurat

पौष शुक्ल पक्ष प्रतिपदा 14 जनवरी 2021 दिन गुरुवार को दिन में 2:03 बजे सूर्य देव का परिवर्तन अपने पुत्र शनिदेव की राशि मकर में होगा। इसी के साथ खरमास का समापन हो जाएगा। उत्थान ज्योतिष संस्थान के निदेशक ज्योतिर्विद पं दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली ने बताया कि खरमास का समापन होने के बाद भी गुरु एवं शुक्र के क्रमशः अस्त होने के कारण नही बजेगी इस संवत्सर में शहनाई।

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एक संवत्सर में अर्थात एक वर्ष में बारह राशियों पर भ्रमण करते हुए सूर्य बारह संक्रांति करते हैं। सूर्य देव जब एक राशि से दूसरी राशि मे प्रवेश करते है तो यह स्थिति संक्रांति  अर्थात गोचर कहलाती है। अपनी बारह संक्रांतियों के दौरान जहाँ सूर्य वर्ष में एक बार एक माह के लिए अपनी उच्च स्थिति में रहकर अपने सम्पूर्ण फल में उच्चता प्रदान करते हैं, और एक बार अपनी राशि सिंह में स्वगृही रहकर भी अपने सभी कारक तत्वों, आधिपत्य अर्थात प्रभावों में संपूर्णता प्रदान करते है तो, वही एक माह के लिए अपनी नीच स्थिति को प्राप्त करते हुए निम्न फल भी प्रदान करते हैं। शुक्र ग्रह की राशि तुला में सूर्य की स्थिति सबसे कमजोर होती है। अ

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पने इसी स्वाभाविक संचरण के क्रम में जब सूर्य का गोचरीय संचरण देव गुरु बृहस्पति की राशियों धनु एवं मीन में होता है तब वह मास ,खरमास या धनुर्मास कहलाता है। खरमास में विवाह आदि महत्वपूर्ण शुभ कार्य नही किये जाते हैं परंतु भगवत आराधना की दृष्टिकोण से यह मास अति उत्तम मास होता है। इस प्रकार इस अवधि में जहाँ शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित रहते है वही आत्मचिन्तन और ईश आराधना के लिए श्रेष्ठ समय होता है। क्योंकि इन दोनों राशियों के तथा इस महिने के अधिपति देव गुरु बृहस्पति के होने से भगवद् भक्ति तथा शुभफल की प्राप्ति के लिए सर्वोत्तम महिने के रूप में मान्य है ।

इस वर्ष 15 दिसम्बर दिन मंगलवार को सूर्य देव वृश्चिक राशि का परित्याग कर रात्रि पश्चात भोर में 6 बजकर 15 मिनट पर धनु राशि पर आरूढ़ हो गए थे अर्थात 16 दिसम्बर दिन बुधवार की सूर्योदय के साथ ही खरमास आरम्भ हो गया था जो 14 जनवरी 2021 दिन गुरुवार को दिन में 2 बजकर 3 मिनट तक व्याप्त रहेगा । इस प्रकार लगभग एक महिने तक ये इसी राशि पर गोचरीय संचरण करते रहे। पुनः 14 जनवरी दिन गुरुवार को दिन में 2 बजकर 3 मिनट पर धनु राशि को छोड़कर शनि देव की राशि मकर में प्रवेश करेगे। इसी के साथ एक महिने तक धनुर्मास अर्थात खरमास रहकर 14 जनवरी 2021को मकर राशि मे प्रवेश के साथ ही खरमास समाप्त हो जाएगा।  मकर राशि मे प्रवेश करने के साथ ही सूर्य देव उत्तरायण की गति प्रारम्भ करते है जो विवाह आदि शुभ कार्यो के लिए शुभ मुहूर्त्त मिलने लगते है। 
     
यद्यपि की खरमास की समाप्ति के बाद विवाह आदि के लिए शुभ मुहूर्त्त मिलने लगते है। परंतु इस बार स्थितियां कुछ अलग प्रकार की बन रही है। क्योंकि जहाँ 16 जनवरी को ही शुभफल प्रदायक ग्रह देव गुरु के पश्चिम दिशा में अस्त होकर एवं 12 फरवरी को उदित होंगे वही, सौभाग्य, सुख सम्पन्नता के कारक ग्रह शुक्र 17 फरवरी 2021 को पूर्व दिशा में अस्त हो जायेंगें जो 19 अप्रैल 2021 को पश्चिम दिशा में उदित होंगे। इस अवधि के बीच मे सूर्य देव का गोचरीय संचरण 14 मार्च से 14 अप्रैल तक मीन राशि मे होने के कारण खरमास लगा रहेगा । इस प्रकार ग्रहीय मण्डल में सूर्य, देवगुरु बृहस्पति एवं दैत्य गुरु शुक्र की स्थिति अच्छी नही होने के कारण विवाह आदि के लिए शुभ समय का अभाव 16 दिसम्बर 2020 से 22 अप्रैल 2020 तक रहेगा ।

    

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  • Web Title:Makar Sankranti 2021: Kharmas will be over yet this year will not be Shubh Vivah muhurat