16 जनवरी, 2021|1:23|IST

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तुला

15 जन॰ 2021

मन अशान्त रहेगा। आत्मसंयत रहें। धैर्यशीलता बनाए रखनें के प्रयास करें। माता के स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। क्रोध एवं आवेश की अधिकता रहेगी। परिवार में आपसी मतभेद बढ़ सकते हैं। रहन-सहन कष्टमय रहेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)
 

तुला

16 जन॰ 2021

क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा के मनोभाव हो सकते हैं। नौकरी में कार्यक्षेत्र में परिवर्तन हो सकता है। आय की स्थिति में सुधार होगा। परिवार की जिम्मेदारी बढ़ सकती है। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। रहन-सहन में असहज रहेंगे। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)
 

तुला

17 जन॰ 2021

मानसिक शान्ति‍ रहेगी। धैर्यशीलता बनाये रखने के प्रयास करें। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा के भाव रहेंगे। परिवार में सुख-शान्ति रहेगी। किसी मित्र के सहयोग से रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। 
(पं.राघवेन्द्र शर्मा)

तुला

week3-2021

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तुला

1 जन॰ 2021

मन परेशान हो सकता है। आत्मसंयत रहें। क्रोध के अतिरेक से बचें। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। चार जनवरी से कारोबार में वृद्धि के योग बन रहे हैं। 15 जनवरी के उपरांत धैर्यशीलता बनाए रखने के प्रयास करें। नौकरी में अफसरों से वाद विवाद से बचें। कार्यक्षेत्र में परिवर्तन की संभावना बन रही है। पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

तुला

1 जन॰ 2021

तुला-(23 दिसम्बर-23 अक्टूबर)
वर्ष के प्रारंभ में क्रोध की अधिकता हो सकती है। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। कारोबार में परिश्रम अधिक रहेगा। 15 जनवरी के बाद पिता के स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। रहन-सहन भी अव्यवस्थित रहेगा। 22 फरवरी से जीवनसाथी को स्वास्थ्य विकार हो सकता है। परिश्रम अधिक रहेगा। 24 मई के बाद नौकरी में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। किसी दूसरे स्थान पर भी जाना पड़ सकता है। परिवार से अलगाव हो सकता है। 22 जून से धर्म के प्रति श्रद्धा भाव बढ़ सकता है। शैक्षिक व बौद्धिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। छह सितंबर के उपरांत जीवनसाथी के स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। चिकित्सीय खर्च बढ़ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में परिश्रम अधिक रहेंगे। मित्रों से विवाद की स्थिति बन सकती है। 22 अक्तूबर से पारिवारिक स्थिति में सुधार होगा, परंतु धैर्यशीलता में कमी भी हो सकती है।
उपाय-
1. प्रतिदिन ‘गणेश स्तोत्र’ का पाठ करें।
2. मंगलवार के दिन लाल कपड़े में गुड़ बांधकर हनुमान जी के चरणों में अर्पित करें।
3. शुक्रवार के दिन सफेद वस्त्र पहनें तथा यथाशक्ति चावल का दान करें।