21 जनवरी, 2021|12:03|IST

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मिथुन

20 जन॰ 2021

पारिवारिक समस्याओं के प्रति ध्यान दें। नौकरी और कार्यक्षेत्र में परिवर्तन की सम्भावना है। वाणी में सौम्यता रहेगी। धन की स्थिति में सुधार होगा। परिवार की जिम्मेदारी बढ़ सकती है। खर्च भी अधिक रहेंगे। स्‍वास्‍थ्‍य का ध्‍यान रखें।(पं.राघवेन्द्र शर्मा)
 

मिथुन

21 जन॰ 2021

मानसिक शांत‍ि रहेगी। धन की स्थिति में सुधार होगा। कारोबार की समस्याओं पर ध्यान दें। आशा-निराशा के मिश्रित भाव मन में रहेंगे। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। मान-सम्मान में वृद्धि होगी। लाभ के अवसर म‍िलेंगे। तरक्‍की होगी। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)

मिथुन

22 जन॰ 2021

क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा की मनःस्थिति रहेगी। आय वृद्धि में किसी मित्र का सहयोग मिल सकता है। सन्तान सुख में वृद्धि होगी। वाणी में सौम्यता रहेगी। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। धार्मिक संगीत के प्रति रुचि रहेगी। नौकरी में तरक्की के योग बन रहे हैं। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)

मिथुन

week4-2021

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मिथुन

1 जन॰ 2021

मास के प्रारंभ में आत्मविश्वास से लबरेज तो रहेंगे परंतु क्रोध व आवेश की अधिकता हो सकती है। पांच जनवरी से मन परेशान हो सकता है। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। दिनचर्या अव्यवस्थित हो सकती है। परंतु संतान के स्वास्थ्य में सुधार होगा। वाहन के रखरखाव के खर्चों में कमी आएगी। किसी मित्र के सहयोग से भूमि या संपत्ति से आय हो सकती है। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

मिथुन

1 जन॰ 2021

मिथुन- (21 मई - 21 जून)
वर्ष के प्रारंभ में धैर्यशीलता में कमी रहेगी। पांच जनवरी से 25 जनवरी के मध्य मन परेशान हो सकता है। परिवार की समस्याएं परेशान कर सकती हैं। रहन-सहन भी अव्यवस्थित रहेगा। नौकरी में 15 जनवरी के उपरांत कार्यक्षेत्र में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। 22 फरवरी से आय में कमी आ सकती है। सेहत का ध्यान रखें। कारोबार में परिश्रम अधिक रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। 16 अप्रैल के बाद शैक्षिक कार्यों में सुधार होगा। धर्म के प्रति श्रद्धाभाव रहेगा। धन की स्थिति में सुधार होगा। नौकरी में किसी विशेष प्रयोजन से विदेश यात्रा के योग बन रहें हैं। यात्रा लाभप्रद रहेगी। 24 मई के उपरांत किसी पुराने मित्र से भेंट हो सकती है। छह सितंबर के बाद किसी सम्पत्ति से धन लाभ हो सकता है। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। वस्त्रों आदि पर खर्च अधिक हो सकते हैं।
उपाय-
1.
प्रत्येक शनिवार के दिन शाम के समय पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल के दीपक में थोड़ी सी उड़द की दाल डालकर, दीपक जलाएं।
2. चंदन के इत्र को नहाने के पानी में डालकर स्नान किया करें। पूजा-पाठ में चंदन की सुगंध की धूप या अगरबत्ती जलाया करें।
3. मंगलवार के दिन लाल कपड़े में गुड़ बांधकर मंदिर में हनुमान जी के चरणों में अर्पित किया करें।