20 जनवरी, 2021|11:49|IST

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कर्क

19 जन॰ 2021

पठन-पाठन में रुचि रहेगी। घर-परिवार में धार्मिक कार्य होंगे। रहन-सहन में असहज रहेंगे। परिवार का साथ मिलेगा। नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं। कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। परिश्रम की अधिकता रहेगी। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)
 

कर्क

20 जन॰ 2021

आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। आत्मसंयत रहें। क्रोध एवं आवेश के अतिरेक से बचें। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। मन में शान्ति एवं प्रसन्नता के भाव रहेंगे। मित्रों का सहयोग मिलेगा। रहन-सहन अव्यवस्थित हो सकता है। परि‍वार का साथ मि‍लेगा।(पं.राघवेन्द्र शर्मा)

कर्क

21 जन॰ 2021

आशा-निराशा के मिश्रित भाव रहेंगे। धैर्यशीलता बनाए रखें। धर्म के प्रति श्रद्धाभाव रहेगा। मीठे खान-पान में रुचि रहेगी। क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा के भाव रहेंगे। नौकरी में कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। परिश्रम अधिक रहेगा। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)
 

कर्क

week4-2021

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कर्क

1 जन॰ 2021

मास के प्रारंभ में मन में शांति व प्रसन्नता रहेगी। नौकरी के लिए साक्षात्कार आदि कार्यों में सफलता मिलेगी। उच्च पद की प्राप्ति होगी। आय में वृद्धि होगी। पांच जनवरी से कारोबार की स्थिति में सुधार होगा। परंतु दिनचर्या अव्यवस्थित रहेगी। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। 20 के बाद स्थिति में सुधार होगा। आय में वृद्धि होगी। दिनचर्या व्यवस्थित रहेगी। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

कर्क

1 जन॰ 2021

कर्क-(22 जून-23 जुलाई)।
वर्ष के प्रारंभ में आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। ‘क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा’ की मनः स्थिति रहेगी। पांच जनवरी से कारोबार की स्थिति में सुधार होगा। 15 जनवरी से धैर्यशीलता बनाए रखने के प्रयास करते रहें। 28 जनवरी के उपरांत वाहन सुख में वृद्धि के योग बन रहे हैं। छह अप्रैल से शैक्षिक कार्यों पर ध्यान दें। कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। 12 अक्तूबर के बाद ही स्थिति में सुधार होगा। संतान के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। 22 अक्तूबर के बाद भवन सुख की प्राप्ति के योग बन रहे हैं। पिता का सानिध्य व सहयोग मिलेगा। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। कुटुम्ब-परिवार में धार्मिक कार्य होंगे। 21 नवंबर के बाद नौकरी में कार्यक्षेत्र का विस्तार तथा आय में वृद्धि हो सकती है। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी।
उपाय-
1. प्रतिदिन प्रातः स्नान करके तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें थोड़े से चावल, चीनी व रोली डालकर जल सूर्य भगवान को अर्पित करें।
2. शनिवार के दिन पानी में दूध चुटकी भर काले मिला तथा थोड़ी सी चीनी डालकर सूर्योदय से पूर्व पीपल के वृक्ष की जड़ में चढ़ाएं।