20 जनवरी, 2021|12:10|IST

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मेष

19 जन॰ 2021

आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान की यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। रहन-सहन अव्यवस्थित रहेगा। कारोबार में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। खर्चों की अधिकता रहेगी। सन्तान को कष्ट रहेगा। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)

मेष

20 जन॰ 2021

मन कुछ परेशान हो सकता है। माता के स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। परिवार का साथ मिलेगा। वाहन सुख में वृद्धि हो सकती है। आत्मविश्वास में कमी आएगी। स्वभाव में चिड़चिड़ापन रहेगा। आय की स्थिति सन्तोषजनक रहेगी। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)
 

मेष

21 जन॰ 2021

मन में शान्ति‍ एवं प्रसन्नता रहेगी। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। बातचीत में संयत रहें। खर्चों की अधिकता से चिन्तित रहेंगे। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। माता का सानिध्य मिलेगा। तनाव से बचने का प्रयास करें। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)
 

मेष

week4-2021

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मेष

1 जन॰ 2021

आत्मविश्वास से परिपूर्ण रहेंगे। चार जनवरी से जीवनसाथी के स्वास्थ्य में सुधार होगा। वाहन सुख में वृद्धि हो सकती है। पांच जनवरी के उपरांत किसी मित्र से कारोबार का प्रस्ताव मिल सकता है। 26 जनवरी से कारोबार में लाभ में वृद्धि होगी। जीवनसाथी का सहयोग तो रहेगा, परंतु व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

मेष

1 जन॰ 2021

मेष-(21 मार्च - 20 अप्रैल)
वर्ष के प्रारंभ में आत्मविश्वास से परिपूर्ण तो रहेंगे, परंतु मन परेशान भी हो सकता है। परिवार में व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। चार जनवरी से जीवनसाथी के स्वास्थ्य में सुधार होगा। वाहन प्राप्ति के योग भी बनेंगे। कारोबार की स्थिति निरंतर मजबूत होती रहेगी। पिता का सहयोग मिलता रहेगा। खर्च अपेक्षाकृत कम ही रहेंगे, परंतु जीवनशैली का ध्यान रखें। जीवनशैली में व्यवधान आ सकते हैं। 17 मार्च से पुनः जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। कुटुम्ब की किसी बुजुर्ग महिला का स्वास्थ्य भी खराब हो सकता है। खर्च अधिक रहेंगे। नौकरी में किसी मित्र के सहयोग से परिवर्तन के अवसर मिल सकते हैं। किसी दूसरे स्थान पर भी जाना पड़ सकता है। छह सितंबर से अपने स्वास्थ का ध्यान रखें। 15 सितंबर से धार्मिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ सकती है। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। किसी रुके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है।
उपाय-
1. प्रत्येक मंगलवार के दिन रोटी में गुड़ रखकर गाय को खिलाएं।
2. प्रत्येक बुधवार के दिन हरी सब्जी गाय को खिलाएं अथवा गणपति पर दुर्वा घास अर्पित करें।
3. प्रत्येक शुक्रवार के दिन एक मुट्ठी चावल लेकर किसी बर्तन में इकट्ठा करते रहें। एक किलो के लगभग होने पर मंदिर के पुजारी को दे दें।