18 जनवरी, 2021|4:26|IST

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कुंभ

17 जन॰ 2021

मन में शान्ति‍ रहेगी। आत्मविश्वास में कमी भी रहेगी। किसी मित्र का आगमन हो सकता है। यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। कार्यक्षेत्र में कठिनाइयां आ सकती हैं। परिश्रम अधिक होने के बाद भी वांछित परिणाम संदिग्ध हैं। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)
 

कुंभ

18 जन॰ 2021

आय में कमी एवं खर्च अधिक की स्थिति से परेशान रहेंगे। रहन-सहन अव्यवस्थित रहेगा। परिश्रम अधिक रहेगा। धैर्यशीलता में कमी रहेगी। अपनी भावनाओं को वश में रखें। माता का स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। लाभ के अवसर म‍िल सकते हैं। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)

कुंभ

19 जन॰ 2021

वाणी में मधुरता रहेगी। परिवार के साथ यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। परिश्रम अधिक रहेगा। माता से धन मिल सकता है। मानसिक शांति रहेगी। फिर भी बातचीत में संयत रहें। सन्तान को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। मित्रों का सहयोग मिलेगा। (पं. राघवेन्द्र शर्मा)

कुंभ

week4-2021

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कुंभ

1 जन॰ 2021

आत्मविश्वास में कमी रहेगी। चार जनवरी के बाद से कला या संगीत में रुचि बढ़ सकती है। घर परिवार में धार्मिक-मांगलिक कार्य हो सकते हैं। वस्त्र उपहार में प्राप्त हो सकते हैं। माता से धन की प्राप्ति हो सकती है। माह के प्रारंभ में स्वास्थ्य का ध्यान रखें। अनियोजित खर्चों में वृद्धि होगी। शैक्षिक कार्यों के लिए यात्रा पर जाना हो सकता है। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

कुंभ

1 जन॰ 2021

कुंभ( 20 जनवरी-18 फरवरी)
वर्ष के प्रारंभ में मन परेशान रहेगा। धैर्यशीलता में कमी रहेगी। स्वास्थ्य में भी गड़बड़़ी हो सकती है। 22 फरवरी से कार्यक्षेत्र में परिश्रम की कमी आएगी। भवन या संपत्ति में विस्तार हो सकता है। पिता का सहयोग मिलेगा। अनियोजित खर्च अधिक रहेंगे। छह अप्रैल से शैक्षिक कार्यों में सुधार होगा। दांपत्य सुख में वृद्धि हो सकती है। 24 मई के बाद नौकरी में कार्यक्षेत्र में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में कठिनाइयां रहेंगी। अफसरों से वाद-विवाद से बचें। 15 सितंबर के बाद घर-परिवार में धार्मिक/मांगलिक कार्य हो सकते हैं। भवन के रखरखाव तथा साज-सज्जा के कार्यों पर खर्च बढ़ेंगे। 12 अक्तूबर के बाद परिवार के साथ यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। 21 नवंबर से शैक्षिक कार्य सुचारू होंगे। परिवार में सुख-शांति रहेगी। आय सुचारु रहेगी।
उपाय-
1. प्रतिदिन भगवान शिव की आराधना किया करें। शिवलिंग पर जल में दूध मिलाकर अभिषेक किया करें।
2. प्रत्येक बुधवार के दिन प्रातः गणेश चालीसा या गणेश स्त्रोत्र का पाठ किया करें।
3. 21 ग्राम चांदी की कड़ा सीधे (दाहिने) हाथ में धारण करें।