18 जनवरी, 2021|4:31|IST

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वृष

17 जन॰ 2021

आत्मविश्वास में कमी रहेगी। किसी अज्ञात भय से परेशान हो सकते हैं। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। सेहत का ध्यान रखें। आशा-निराशा के मिश्रित भाव मन में रहेंगे। कार्यक्षेत्र में कठिनाइयां आ सकती हैं। खर्च में बढ़ोतरी हो सकती है। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)

वृष

18 जन॰ 2021

मानसिक शान्ति‍ रहेगी। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। सन्तान की ओर से सुखद समाचार मिल सकता है। मन में शान्ति एवं प्रसन्नता के भाव रहेंगे। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। दाम्पत्य सुख में वृद्धि होगी। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)
 

वृष

19 जन॰ 2021

मानसिक शान्ति‍ रहेगी। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। धर्म-कर्म में व्यस्तता बढ़ सकती है। आय की स्थिति में सुधार होगा। आत्मसंयत रहें। क्रोध एवं आवेश के अतिरेक से बचें। किसी रुके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)
 

वृष

week4-2021

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वृष

1 जन॰ 2021

किसी अज्ञात भय से परेशान हो सकते हैं। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। कला या संगीत में रुचि बढ़ सकती है। मास के प्रारंभ में शैक्षिक कार्यों में व्यवधान आएंगे। पांच जनवरी से संतान के स्वास्थ्य में सुधार होगा। 15 जनवरी से रहन-सहन की परिस्थितियों में सुधार होगा, परंतु स्वास्थ्य का ध्यान रखें। वाहन सुख में कमी आ सकती है। 28 जनवरी से सुधार होगा। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

वृष

1 जन॰ 2021

वृष-(21 अप्रैल - 20 मई)
किसी अज्ञात भय से परेशान रहेंगे। वर्ष के प्रारंभ में परिवार की समस्याएं भी हो सकती हैं। चिकित्सीय खर्च अधिक हो सकते हैं। 22 फरवरी से जीवनसाथी के स्वास्थ्य में सुधार होगा परंतु धैर्यशीलता बनाए रखने के प्रयास करें। कारोबार की स्थिति में सुधार होगा। लाभ के अवसर भी मिलेंगे। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे, परंतु 15 सितंबर के बाद कार्यक्षेत्र में परिवर्तन भी हो सकता है। घर-परिवार में धार्मिक कार्य होंगे। धन प्राप्ति के योग भी बन रहे हैं। 19 अक्तूबर के बाद शैक्षिक व बौद्धिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। संतान की ओर से सुखद समाचार मिलेंगे। 21 नवंबर के उपरांत किसी पुराने मित्र से भेंट हो सकती है। आय वृद्धि के साधन विकसित हो सकते हैं।
उपाय-
1. घर में और पूजा-पाठ में चंदन की सुगंध की धूप या अगरबत्ती उपयोग में लाएं। चंदन का इत्र नहाने के पानी में डालकर नहाएं।
2. शनिवार के दिन लोटे में जल भरकर उसमें चुटकीभर काले तिल तथा दो बूंद सरसों का तेल डालकर शिवलिंग पर जल की धार बनाकर जल अर्पित करें।
3. बृहस्पतिवार के दिन किसी मंदिर में पांच केले के पौधे लगाएं।