20 जनवरी, 2021|11:29|IST

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धनु

19 जन॰ 2021

यात्रा सुखद रहेगी। माता-पिता से धन की प्राप्ति‍ हो सकती है। किसी पुराने मित्र से पुनःसम्पर्क हो सकता है। खर्च बढ़ेंगे। आत्मविश्वास से परिपूर्ण रहेंगे। शैक्षिक एवं शोधादि कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। सन्तान को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)

धनु

20 जन॰ 2021

आत्मसंयत रहें। कला या संगीत के प्रति रुझान हो सकता है। कुटुम्ब के किसी बुजुर्ग से धन की प्राप्ति‍ हो सकती है। मन में नकारात्मक विचारों का प्रभाव हो सकता है। नौकरी में परिवर्तन की सम्भावना बन रही हैं। आय के अवसर म‍िलेंगे। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)

धनु

21 जन॰ 2021

बातचीत में सन्तुलित रहें। किसी पुराने मित्र से पुनःसम्पर्क हो सकते हैं। क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा के मनोभाव हो सकते हैं। आलस्य की अधिकता रहेगी। स्वभाव में चिड़चिड़ापन हो सकता है। सन्तान को स्वास्थ्‍य विकार हो सकते हैं। खर्च बढ़ेंगे। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)
 

धनु

week4-2021

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धनु

1 जन॰ 2021

मन अशांत रहेगा। 14 जनवरी तक क्रोध व आवेश के अतिरेक से बचें। परिवार में शांति बनाए रखने का प्रयास करें। चार जनवरी से आय की स्थिति में सुधार होगा। पांच जनवरी से वाणी का प्रभाव बढ़ेगा। पिता से धन की प्राप्ति हो सकती है। परंतु जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

धनु

1 जन॰ 2021

धनु-(22 नवम्बर-21दिसम्बर)
वर्ष के प्रारंभ में क्रोध व आवेश की अधिकता हो सकती है। चार फरवरी के बाद किसी पुराने मित्र का आगमन हो सकता है। उपहार में वस्त्रों की प्राप्ति हो सकती है। 22 फरवरी से अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। चिकित्सीय खर्च बढ़ सकते हैं। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। परंतु स्थान परिवर्तन भी हो सकता है। छह अप्रैल के बाद कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है। आय में वृद्धि होगी। धर्म के प्रति श्रद्धाभाव बढ़ सकता है। 24 मई से यात्रा अधिक रहेंगी। अनियोजित खर्च बढ़ेंगे। शैक्षिक कार्यों में व्यवधान आ सकते हैं। संतान के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। 15 सितंबर के बाद से किसी मित्र के सहयोग से धन लाभ हो सकता है। 12 अक्तूबर से माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। रहन-सहन कष्टमय हो सकता है। 21 नवंबर से धर्म-कर्म में व्यस्तता बढ़ सकती है।
उपाय-
1. प्रतिदिन प्रातः ‘आदित्य हृदय स्त्रोत्र’ का पाठ करके तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें थोड़े से चावल, चीनी या गुड़ तथा रोली डालकर जल भगवान सूर्य को अर्पित किया करें।
2. पीली धातु (स्वर्ण) अपने शरीर पर (हाथ में या गले में) धारण करें।
3. 21 ग्राम चांदी का कड़ा दाहिने हाथ में धारण करें।